Uncategorized

किसान आंदोलन: शशि थरूर और अन्‍य पर दर्ज FIR के खिलाफ याचिका पर SC कल करेगा सुनवाई

दिल्‍ली के अलावा यूपी और एमपी में भी थरूर और कुछ पत्रकारों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है (प्रतीकात्‍मक फोटो)खास बातेंएक प्रदर्शनकारी के मौत पर असत्‍यापित खबर शेयर करने का आरोप सीजेआई एसए बोवडे की तीन सदस्‍यीय बेंच करेगी मामले की सुनवाई थरूर, राजदीप और अन्‍य पर कुछ राज्‍यों में दर्ज कराई गई थी एफआईआरनई दिल्ली: णतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर किसानों की ट्रैक्टर रैली (Tractor Rally) के दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत के बारे में कथित तौर पर असत्यापित खबर साझा करने के आरोप पर दर्ज FIR के खिलाफ कांग्रेस नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) और पत्रकार राजदीप सरदेसाई (Rajdeep Sardesai) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) मंगलवार को सुनवाई करेगा. FIR को चुनौती देने वाली यह याचिका पत्रकार मृणाल पांडे, जफर आगा, परेश नाथ, अनंत नाथ और विनोद के जोश की ओर से दाखिल की गई है. प्रधान न्‍यायाधीश (CJI) एसए

Read More
Uncategorized

सिविल सेवा परीक्षा में आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को एक मौका देने पर विचार करे सरकार : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगानई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा ( UPSC Civil Services Exam) के लिए अंतिम प्रयास वाले प्रत्याशियों को अतिरिक्त मौका देने की मांग वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्र सरकार से कहा कि वो यूपीएससी परीक्षा में आयु सीमा पार कर चुके उम्मीदवारों को भी एक मौका देने पर विचार करेयह भी पढ़ेंकोर्ट ने कहा, वो यूपीएससी ( UPSC) के सभी उम्मीदवारों को एक और मौका देने के लिए कह रहे हैं. क्या इस मुद्दे पर कठोर होने की आवश्यकता है? सुप्रीम कोर्ट  (Supreme Court) ने कहा कि महामारी की स्थिति असाधारण थी और इनमें से कुछ उम्मीदवार आवश्यक सेवाओं में सेवारत थे. कुछ वास्तविक मामले भी हैं. ऐसे में याचिकाकर्ता हर वर्ग के लिए एक बार की छूट मांग रहे हैं. केंद्र को इस पर विचार करना चाहिए क्योंकि इस बार हालात असाध

Read More
Uncategorized

सोशल मीडिया को कानून के दायरे में लाया जाए, सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई आज

इस याचिका में केंद्र सरकार, केंद्रीय गृह मंत्रालय, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय, दूरसंचार मंत्रालय, ट्विटर कम्युनिकेशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और फेसबुक इंडिया आदि को प्रतिवादी बनाया गया है. यह याचिका एडवोकेट विनीत जिंदल ने दायर की है, जिसमें कहा गया है कि याचिकाकर्ता ने मजबूर होते हुए वर्तमान में यह जनहित याचिका दायर की है ताकि प्रतिवादियों को सोशल मीडिया प्लेटफार्म को विनियमित एवं नियंत्रित करने के लिए कानून बनाने का निर्देश दिया जा सके. याचिका में यह भी कहा गया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक जटिल अधिकार है. ऐसा इसलिए क्योंकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मुकम्मल नहीं है और इसके साथ विशेष कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का पालन करना होता है इसलिए यह अधिकार कानून द्वारा प्रदान किए गए कुछ प्रतिबंधों के अधीन होता है.याचिका में कहा गया है कि, सोशल मीडिया के लिए अलग-अलग देशों द्वारा लागू किए गए व

Read More